वायुसेना के जांबाज ने बचाई थी 10 जिंदगियां, 30 साल पहले भी Parwanoo Ropeway में यही हुआ था..

पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का जिम्मा भारतीय वायु सेना को दिया गया। ऑपरेशन की कमान तत्कालीन ग्रुप कैप्टन फाली एच मेजर ने संभाली, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो कहलाए..

वायुसेना के जांबाज ने बचाई थी 10 जिंदगियां, 30 साल पहले भी Parwanoo Ropeway में यही हुआ था..
परवाणु रोपवे में साल 1992 में भी हुआ था हादसा।

डेस्क: हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणु में टिंबर ट्रेल रोपवे में बैठकर खुले आसमान से खूबसूरत वादियों को निहारना सालों से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। टिंबर ट्रेल रोपवे में बैठकर व्यक्ति 2000 फीट से 5000 फीट की ऊंचाई पर 1.8 किलोमीटर शिवालिक की पहाड़ियों का सफर करीब 8 मिनट में तय करता है।

यह सफर जितना खूबसूरत है उतना ही जोखिम भरा भी है। परवाणु में आज जो कुछ भी हुआ उसने अक्टूबर 1992 की भयावह तस्वीरों को ताजा कर दिया। 30 साल पहले टिंबर ट्रेल रोपवे के सफर को लेकर लोगों में क्रेज कुछ और ही था। बात 13 अक्टूबर 1992 की है, कुछ पर्यटकों ने केबल कार में सफर का फैसला लिया। 

केबल कार अंतिम छोर पर पहुंचने ही वाली थी कि अचानक झटका लगा और एक रस्सी टूट गई। केबल कार पीछे की ओर खिसकने लगी। केबल कार संचालक ने छलांग लगाने की कोशिश की, उसका सिर चट्टान से टकरा गया और उसने दम तोड़ दिया। पीछे की ओर खिसक रही केबल कार करीब 1500 फीट की ऊंचाई पर आकर अटक गई। नीचे कौशल्या नदी बह रही थी। रोमांचक सफर पर निकले पर्यटकों की सांसे हवा में ही अटक गई चुकी।

पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का जिम्मा भारतीय वायुसेना को दिया गया। ऑपरेशन की कमान तत्कालीन ग्रुप कैप्टन फाली एच मेजर ने संभाली, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो कहलाए। पैरा कमांडो मेजर इवान जोसफ क्रेस्टो। जोसफ ने वायु सेना के टॉप हेलीकॉप्टर पायलट और अपने साथियों के साथ अविश्वसनीय तरीके से 10 जिंदगियों मौत के मुंह से बाहर निकालने में जांबाजी का परिचय दिया।

हेलीकॉप्टर से केबल कार में उतरकर इवान जोसेफ ने एक-एक कर पर्यटकों को हेलीकॉप्टर में चढ़ाना शुरू किया। शाम होने तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा नहीं हो सका और 5 यात्रियों को ही सुरक्षित निकाला जा सका। केबल कार में बचे हुए पर्यटकों का हौसला बढ़ाने के लिए इवान जोसफ क्रेस्टो ने वहीं रुकने का फैसला किया। 

रात भर हवा में लटकी केबल कार में इवान जोसफ सभी का हौसला बढ़ाते रहे। इसके लिए वह यात्रियों को गाने सुनाते रहे। अगले दिन फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और जांबाज जवान ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टिंबर ट्रेल रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो जोसफ इवान गोवा के रहने वाले हैं। इस ऑपरेशन के लिए उन्हें बाद में कीर्ति चक्र से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने सेना में कई अहद पदों पर सेवाएं दी। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इन दिनों वो सिडनी में एक लोकल स्कूल में गणित पढ़ाते हैं।