मोटी फीस-लटकती भर्तियां, अब 8 लाख में बिक गया पुलिस का पेपर! हिमाचल ऐसा तो ना था...

जरा सोचिए, क्या बीत रही होगी उन मजदूर माता-पिता पर। जिन्होंने आज तक यही सुना था कि मेहनत करके सब कुछ मिल जाता है। लेकिन मेहनत कोई और करें और नौकरी कोई और ले जाए। ये तो हमने हिमाचल में नहीं सुना था। लेकिन यह सच है।

मोटी फीस-लटकती भर्तियां, अब 8 लाख में बिक गया पुलिस का पेपर! हिमाचल ऐसा तो ना था...
डिजाइन फोटो।

पहाड़ प्राइम डेस्कः आपकी नजर में कई ऐसे युवा होंगे जो बड़ी मुश्किल से एग्जाम की तैयारी करने घर से दूर जाते हैं। किराए पर कमरा लेना पड़ता है। खाने-पीने की व्यवस्था करनी पड़ती है और फॉर्म भरने के लिए भी हिमाचल सरकार या हिमाचल के बोर्ड-यूनिवर्सिटी के खाते में मोटी रकम जमा करवानी पड़ती है। 

दिन रात मेहनत करनी पड़ती है। फिर भर्ती प्रक्रिया में लटकने के बाद अगर किस्मत अच्छी रही तब जाकर सब कुछ ठीक तरीके से होता है। नहीं तो फिर सालों-साल ये भर्ती हाई कोर्ट में भी लटक जाती है। लेकिन जरा सोचिए कि उन गरीब युवाओं पर क्या गुजर रही होगी, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की। लेकिन पता चला कि हिमाचल पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का पेपर लीक हो गया था और 6 से 8 लाख रुपये में अमीर लोगों ने सौदा कर लिया है। 

जरा सोचिए, क्या बीत रही होगी उन मजदूर माता-पिता पर। जिन्होंने आज तक यही सुना था कि मेहनत करके सब कुछ मिल जाता है। लेकिन मेहनत कोई और करें और नौकरी कोई और ले जाए। ये तो हमने हिमाचल में नहीं सुना था। लेकिन यह सच है। 

प्रदेश में 27 मार्च को हुई पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र लीक हो गया। 3 अभ्यर्थियों ने 6 से 8 लाख रुपये प्रश्न पत्र और उसके उत्तर हासिल कर लिए थे। वह परीक्षा में 70 अंकों के साथ पास भी हो गए। लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। 

आखिर पुख्ता इंतजाम की बात करने वाली हिमाचल पुलिस को क्यों इस बात की भनक नहीं लगी। परीक्षा देने वाले करीब 74 हजार युवाओं के साथ ये कैसा मजाक हुआ। बताया जा रहा है कि यह पेपर किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ है। लीक करने वाले आरोपियों को हरियाणा और दिल्ली से जोड़ा जा रहा है। लेकिन हो सकता है कि ये आरोपी हिमाचल के हो और हो सकता है कि आरोपी सत्ता से अच्छी सांठगांठ रखते हो। 

फिलहाल तीनों अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कांगड़ा के गगल थाने में वीरवार देर रात आरोपियों के खिलाफ धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई। एसपी खुशहाल चंद ने सीएम और डीजीपी संजय कुंडू को पूरे मामले से अवगत करवाया है। 

देर रात ही टीमें गठित कर दी गई है। जिन्हें हरियाणा और दिल्ली भेजा गया है। एसपी ने यह भी बताया कि लिखित परीक्षा देने से पहले 3 युवाओं ने पैसे देकर प्रश्नपत्र खरीद लिया था। इन युवाओं को दलालों ने कहा कि तुम यह उत्तर रख लो। पैसे देकर उत्तर रखने की बात अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने भी मानी है। 

एसपी ने बताया कि अभ्यर्थियों ने ठाकुर कांशी राम स्कूल चैतड़ूं में बनाए गए केंद्र में परीक्षा दी थी। दलालों ने और कितनो को पेपर बेचा, इसकी भी जांच की जा रही है। 

दरअसल, इस बात का खुलासा तब हुआ। जब 5 अप्रैल को लिखित परीक्षा का परिणाम निकालने के बाद पास हुए अभ्यर्थियों को पुलिस ने दस्तावेज की जांच करवाने के लिए बुलाया। दस्तावेजों की जांच के दौरान एसपी कांगड़ा को 3 युवाओं पर शक हुआ। क्योंकि तीनों युवकों के 90 में से 70 नंबर थे। जबकि दसवीं की कक्षा में 50 फ़ीसदी के आसपास उनके अंक थे। किसी के तो 50 फ़ीसदी भी नहीं थे। 

एसपी ने तीनों युवाओं से अलग-अलग पूछताछ की। सख्त लहजे में पूछा। तो वो कहावत ही है कहते हैं कि चोर पहले ही घबराया हुआ होता है। बाद में अभ्यर्थियों ने कबूला कि हां परीक्षा से पहले ही हमें टाइप प्रश्न मिल चुके थे और उसके उत्तर भी। उत्तर रटने के लिए कहा गया था।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबलों के 1334 पदों के लिए 27 मार्च को भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। 932 पुरुष और 311 महिला कॉन्स्टेबल थे। 91 पुरुष कांस्टेबल चालक के पदों के लिए तैयार हैं। 5 अप्रैल 2022 को परिणाम घोषित हुआ लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठना लाजमि भी है।