कॉन्स्टेबल पेपर लीक मामला: 1000 से ज्यादा अभ्यर्थियों में हुई थी बंदर बाँट, 2 और गिरफ्तार

ना जिला में लगातार संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है। शनिवार को लिखित परीक्षा में अव्वल रहे 12 अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से पुलिस ने पूछताछ की।

कॉन्स्टेबल पेपर लीक मामला: 1000 से ज्यादा अभ्यर्थियों में हुई थी बंदर बाँट, 2 और गिरफ्तार
पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में 2 और गिरफ्तार (डिजाइन फोटो)।

ऊना: पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे होते जा रहे हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम ने शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ये जानकारी साझा नहीं कर रही है कि आखिर इन दोनों आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लिखित परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले ही प्रदेशभर में 1000 से ज्यादा युवाओं में बंट गया था और आगे कितने अभ्यर्थियों ने इसे साझा किया है, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। हालांकि पुलिस की ओर से अभी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन ये आंकड़ा अगर सही निकला तो 1000 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने करीब 80 करोड़ रुपये में पेपर लीक करवाया होगा और दिन रात मेहतन करने वाले युवा काफी पीछे रह गए। 

वहीं, ऊना जिला में लगातार संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है। शनिवार को लिखित परीक्षा में अव्वल रहे 12 अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से पुलिस ने पूछताछ की। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के बारे में पुलिस द्वारा मीडिया से जानकारी साझा नहीं की गई है। ऊना जिला में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ होने पर हड़कंप का माहौल है। 

अभिभावकों से ऊना एसपी की अपील
पुलिस को पूछताछ के दौरान अहम जानकारी मिली है और ऐसे में जल्द बड़ा खुलासा हो सकता है। पुलिस शैक्षणिक योग्यता और लिखित परीक्षा परिणाम के अंकों को मद्देनजर रखते हुए अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुला रही है। ऊना पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर का कहना है कि पुलिस का मकसद अभ्यर्थियों को परेशान करना नहीं बल्कि पेपर लीक मामले में आरोपियों को सामने लाना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि मामले के खुलासे में पुलिस का सहयोग करें, ताकि गुनाहगारों तक पहुंचा जा सके।