पेपर लीक मामला: आरोपियों की भीड़ में गायब हैं अगुवाई कर्ता, 350 से पुछताछ, जांच CBI को सौंपने पर विचार

कोरोना काल के बाद एक लंबे इंतजार के बाद पुलिस भर्ती आयोजित की गई। इसके बाद लंबी भर्ती प्रक्रिया से गुजरने के बाद अभ्यर्थियों के साथ अंत समय में मानो किसी ने भद्दा मजाक कर दिया हो।

पेपर लीक मामला: आरोपियों की भीड़ में गायब हैं अगुवाई कर्ता, 350 से पुछताछ, जांच CBI को सौंपने पर विचार
डिजाइन फोटो।

पहाड़ प्राइम डेस्क: पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में आरोपियों के बयानों और सबूतों का ताना-बाना इस कदर बुन चुका है कि आरोपियों की संख्या बढ़ती जा रही है, शक का दायरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन 'भेड़ों की भीड़' का अगुवाई कर्ता गायब है। हिमाचल प्रदेश पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में विफल साबित हुई है। 

मामले में अभी तक 350 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से कुछ न्यायिक हिरासत में है और कुछ पुलिस रिमांड पर भेजे गए हैं। मामले में गठित एसआईटी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दबिश दे चुकी है। कई जिलों से गिरफ्तारियों हो चुकी है, लेकिन मुख्य किरदार अभी भी बेपर्दा नहीं हुए हैं।

जांच CBI को सौंपने पर भी विचार 
ऐसे में पेपर लीक मामले को सीबीआई को सौंपने पर भी विचार जारी है और इसे लेकर बैठकों का दौर चल रहा है। मामले में एसआईटी के अधिकारियों के बयान दर्ज करने की तैयारी है। विडंबना यह भी है कि जांच भी पुलिस कर रही है और शक के दायरे में पुलिस के कर्मचारी भी हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश पुलिस की छवि को दागदार किया है। देशभर में पुलिस के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश सरकार की भी  फजीहत हुई है। 


नई परीक्षा तिथि पर सवाल
वहीं, हजारों अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। कोरोना काल के बाद एक लंबे इंतजार के बाद पुलिस भर्ती आयोजित की गई। इसके बाद लंबी भर्ती प्रक्रिया से गुजरने के बाद अभ्यर्थियों के साथ अंत समय में मानो किसी ने भद्दा मजाक कर दिया हो। अभ्यर्थियों द्वारा यह मांग की जा रही है कि परीक्षा की अगली तिथी जल्द निर्धारित की जाए और दोषियों की पहचान कर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए।

सीएम जयराम ठाकुर ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा के समय कहा था कि इसी महीने के अंत तक परीक्षा को दोबारा आयोजित करवा लिया जाएगा, लेकिन अभी तक तिथि निर्धारित ना होने से अभ्यर्थियों में मायूसी बढ़ रही है। फिलहाल यह बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय में शीर्ष अधिकारियों की अदला-बदली के बाद ही नई तिथि का निर्धारित की जाएगी। आपको बता दें कि पुलिस भर्ती परीक्षा कमेटी के अध्यक्ष आईपीएस जेपी सिंह का तबादला कर दिया गया है। 

पुलिस विभाग द्वारा परीक्षा आयोजन पर सवाल
अभ्यर्थियों द्वारा प्रश्न यह भी किया जा रहा है कि आखिर हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग होने के बावजूद पुलिस विभाग की परीक्षा आयोजित करने में क्यों फंसता है। सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि पूरा पुलिस महकमा परीक्षा आयोजित करवाने के लिए पूरे तामझाम करता है और परीक्षा के दिन पूरा विभाग परीक्षा आयोजन में व्यस्त होता है। इस दौरान अगर कोई भी आपराधिक घटना हो जाती है, तो कानून व्यवस्था बनाने में भी पुलिस को परेशान होना पड़ता है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को परीक्षा आयोजन का जिम्मा क्यों नहीं सौंपा जाता है?