सैन्य सम्मान के साथ हमीरपुर के जवान का अंतिम संस्कार, दफन हो गए कई सवाल

जिला की ग्राम पंचातय मति टीहरा के गांव सियूनी के सीआरपीएफ जवान की नागालैंड मौत हो गई थी। उनका शव चेकपोस्ट के पास लटका हुआ मिला था। अंदेशा जताया गया कि जवान ने आत्महत्या की है।

सैन्य सम्मान के साथ हमीरपुर के जवान का अंतिम संस्कार, दफन हो गए कई सवाल
सैन्य सम्मान के साथ हमीरपुर के जवान का अंतिम संस्कार।

हमीरपुरः आज हमीरपुर के जवान अश्वनी कुमार पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके साथ दफन हो गए वो सारे राज जो उनकी मौत से पर्दा उठा सकते थे।

हैरानी की बात तो यह है कि चंद रोज पहले उन्होंने अपने भाई से बात की थी  कहा था कि उन्हें अनावश्यक रूप से तंग किया जा रहा है। लेकिन क्या उनकी मौत की जांच हो पाएगी और कौन करेगा।

उनके मौत की जांच की बात क्या वो नेता नेता कहेंगे जो हिमाचल के जवानों की शहादत को वोट बैंक के तौर पर भी इस्तेमाल करते आए हैं। अगर आज हमीरपुर के जवान की मौत का खुलासा नहीं हुआ तो ना जाने आने वाले समय में और कितने हमारे जवान इस तरह से आत्महत्याएं करेंगे।

जिला की ग्राम पंचातय मति टीहरा के गांव सियूनी के सीआरपीएफ जवान की नागालैंड मौत हो गई थी। उनका शव चेकपोस्ट के पास लटका हुआ मिला था। अंदेशा जताया गया कि जवान ने आत्महत्या की है।

मंगलवार को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सैन्य सम्मान के साथ सीआरपीएफ जवान को अंतिम विदाई दी गई। परिजनों द्वारा जवान की मौत मामले में कई तरह के सवाल खड़े करने के बाद शव का मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में भी पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि इससे पहले असम में भी शव का पोस्टमार्टम हो चुका था।

मृतक के भाई कुशल ने बताया था की उसकी उसके भाई से बात हुई थी। उस दौरान सीआरपीएफ में तैनात उसके भाई ने बताया था कि उसे अनावश्यक तंग किया जा रहा है। इसके बाद सीआरपीएफ जवान का शव चेकपोस्ट के पास लटका हुआ मिला था। ऐसे में परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि मृतक का अनावश्यक तौर पर आत्महत्या के लिए विवश किया गया है। इसे लेकर बीते सोमवार को गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस थाना हमीरपुर का घेराव भी किया था। साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी।