अमित पठानिया का मोदी सरकार पर जुबानी हमला, "कोरोना से 47 लाख लोगों की मौत! कैसे बनेंगे विश्वगुरु"

भारत में करीब 47 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। जबकि भारत सरकार के आंकड़े बताते हैं कि इससे 10 गुना कम मौतें हुई है। इन आंकड़ों पर प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित पठानिया ने गंभीर प्रतिक्रिया दी है।

अमित पठानिया का मोदी सरकार पर जुबानी हमला, "कोरोना से 47 लाख लोगों की मौत! कैसे बनेंगे विश्वगुरु"
अमित पठानिया,उपाध्यक्ष, प्रदेश युवा कांग्रेस

धर्मशालाः विश्व स्वास्थय संगठन के अनुसार भारत में कोरोना से दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। भारत में करीब 47 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। जबकि भारत सरकार के आंकड़े बताते हैं कि इससे 10 गुना कम मौतें हुई है। इन आंकड़ों पर प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित पठानिया ने गंभीर प्रतिक्रिया दी है। 

अमित ने कहा कि मदद तो दूर, मौत पर भी झूठ बोलने वाली सरकार देश ने पहली बार ही देखी है। भाजपा को जनता की नहीं बल्कि सिर्फ अपनी सत्ता की फिक्र है। यही कारण है कि भारत स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में पिछड़ रहा है। भाजपा सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करने में विफल रही है ।

कोरोना महामारी से 47 लाख लोगो की मौत हुई है, न की 4.8 लाख लोगो की जैसा की सरकार ने दावा किया था। इस परिस्थिति में जिन परिवारों ने अपनो को खोया है उनका सम्मान होना चाहिए और उन्हें 4 लाख रुपए का मुआवजा उनकी मदद के लिए उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। 

अमित पठानिया ने कहा कि विश्व स्वास्थय संगठन की रिपोर्ट ने भारत सरकार के झूठ की सारी पोल खोल कर रख दी है।  केंद्र सरकार अपना फर्ज निभाए और हर पीड़ित परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा उनकी मदद के लिए उपलब्ध करवाए।

पठानिया ने ये भी कहा कि भाजपा सरकार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदतर हुई है। वर्ष 2020 में 72% मौतें अस्पताल के बाहर हुई हैं, ये आंकड़ा भाजपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को बयां करने के लिए काफी है। ऐसे समय में स्वास्थ्य देखभाल के कुप्रबंधन की भयावहता की कल्पना करें, जब लाखों मौतें का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा की जब ऑक्सीजन के अभाव में लोगों की मृत्यु हुई तो उन्होंने परवाह नहीं की। जब दंगों में लोग मारे गए तो उन्हें परवाह नहीं थी। जब लोग भूख से मरे तो उन्हें परवाह नहीं थी, क्या यही है अच्छे दिनों वाली सरकार?