सुक्खू के स्वागत में लगे पोस्टर से वीरभद्र सिंह की फोटो गायब, जानिए क्या बोले सुखविंदर सिंह सुक्खू

गौर रहे कि वीरभद्र सिहं के जिंदा रहते हुए कई बार भरे मंच से वीरभद्र सिंह सुखविंदर सिंह सुक्खू को खरी-खोटी सुनाते रहे हैं। जवाब में सुखविंदर सिंह सुक्खू भी पीछे नहीं रहते थे। शायद यही वजह है की उनके इसी रुतबे को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें बड़ी जिम्मेवारी सौंपी है।

सुक्खू के स्वागत में लगे पोस्टर से वीरभद्र सिंह की फोटो गायब, जानिए क्या बोले सुखविंदर सिंह सुक्खू
पार्टी मुख्यालय में लगा पोस्टर।

पहाड़ प्राइम डेस्कः हिमाचल प्रदेश कांग्रेस 2022 के विधानसभा चुनाव में भी वीरभद्र सिंह का चेहरा आगे कर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया था और मंडी संसदीय सीट से स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने जीत दर्ज की। 

इतना ही नहीं, इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने प्रतिभा सिंह को हिमाचल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंप दी। जबकि सुखविंदर सिंह सुक्खू को कांग्रेस चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाते हुए उन्हें अहम जिम्मेवारी सौंपी। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि इतना सब कुछ होने के बावजूद पार्टी मुख्यालय में लगे पोस्टरों से वीरभद्र सिंह की फोटो गायब दिखी। 

ये पोस्टर सुक्खू के स्वागत समारोह के लिए लगाए गए थे। इन पोस्टरों में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा ,राजीव शुक्ला, आनंद शर्मा, संजय दत्त, तेजेंद्र पाल सिंह बिट्टू, प्रतिभा सिंह और मुकेश अग्निहोत्री सहित सुखविंदर सिंह सुक्खू की फोटो लगी थी। 

वीरभद्र सिंह की तस्वीर गायब होने के बाद ये पोस्टर चर्चा का विषय बन गया। बाद में सुखविंदर सिंह सुक्खू से जब सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद बचावशाली जवाब दिया। कहा कि वीरभद्र सिंह लोगों के दिल में रहते हैं। पोस्टर तो जिंदा आदमियों के लगते हैं। वीरभद्र सिंह के अक्स के रूप में उनके बेटे और विधायक विक्रमादित्य सिंह हमारे साथ मंच पर बैठे हैं। 

सुक्खू ने ये भी कहा कि हर चीज को राजनीतिक तरीके से जोड़ने की जरूरत नहीं होती। कांग्रेस पार्टी एक है और एकता के साथ आगे बढ़ रही है। ग्रुप पॉलिटिक्स का समय अब खत्म हो चुका है। सुखविंदर सिंह सुक्खू वीरभद्र विरोधी माने जाते रहे हैं। 

गौर रहे कि वीरभद्र सिहं के जिंदा रहते हुए कई बार भरे मंच से वीरभद्र सिंह सुखविंदर सिंह सुक्खू को खरी-खोटी सुनाते रहे हैं। जवाब में सुखविंदर सिंह सुक्खू भी पीछे नहीं रहते थे। शायद यही वजह है की उनके इसी रुतबे को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें बड़ी जिम्मेवारी सौंपी है।