मई महीने में बाबा केदार के दर पर बर्फबारी, फिर से रुकी यात्रा

केदारनाथ धाम सहित विभिन्न पड़ावों में हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के तौर पर यात्रा रोक दी है।

मई महीने में बाबा केदार के दर पर बर्फबारी, फिर से रुकी यात्रा
केदारनाथ धाम में बर्फबारी।

रुद्रप्रयागः आज केदारनाथ धाम सहित हिमालयी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हो रही है। निचले क्षेत्रों में बारिश जारी है। बाब केदार के दर पर मई माह में दिसम्बर-जनवरी जैसी बर्फबारी देखी गई। बर्फबारी के कारण धाम में पहुंच रहे यात्रियों को भारी ठंड का सामना करना पड़ा। 

बारिश और बर्फबारी के कारण एक बार फिर केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। गौर रहे कि 23-24 मई को मौसम विभाग ने बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया था। 23 मई को जहां दिनभर बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा बंद रही। वहीं, आज कुछ देर के लिये यात्रा खुलने के बाद बारिश होने पर फिर से यात्रा को बंद कर दिया गया।

केदारनाथ धाम सहित विभिन्न पड़ावों में हो रही बारिश के बाद तीर्थ पुरोहितों ने तीर्थयात्रियों से अपील की। कहा कि धाम के साथ ही यात्रा पड़ावों में बारिश हो रही है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के तौर पर यात्रा रोकी है। 

बता दें कि जैसे ही मौसम साफ होगा,प्रशासन यात्रा को सुचारु रुप से शुरु कर देगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित कहते हैं कि लगातार हो रही बारिश के कारण यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए गौरीकुंड और सोनप्रयाग  में केदारनाथ दर्शन करने जा रहे यात्रा को सुबह दस बजे के करीब अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि कल रोके गये यात्रियों को सुबह ही केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना किया गया। यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस प्रशासन सहित सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार के भूस्खलन की कोई सूचना नहीं है।

केदारनाथ में मौसम खराब होने से ठंड अधिक बढ़ रही है। जिस कारण केदारनाथ में यात्री दम तोड़ रहे हैं। 20 दिन की यात्रा में तीन लाख से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। तीन भक्त अपनी जान भी गंवा चुके हैं। इनमें 29 भक्तों की मौत हार्टअटैक के कारण हुई है। 

उधर, रुद्रप्रयाग के सीएमओ बीके शुक्ला कहते हैं कि अबतक 30 मौतों में से 29 मौते हार्टअटैक के कारण हुई हैं। गुजराज, दक्षिण भारत, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में ठंड नहीं होती है और वहां के यात्री इस प्रकार की ठंड नहीं झेल पाते। 

ऐसे में पहाड़ प्राइम आपसे अपील करता है कि जो भी यात्री यहां आ रहे हैं वो अपने साथ खूब गर्म कपड़े लेकर आए। साथ ही मौसम साफ होने पर यात्रा करे।