35 वर्षों से तराश रहे 'देवभूमि की संस्कृति', अब हिमाचल गौरव से होंगे सम्मानित

चंबा में आयोजित होने जा रहे राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले इन छह लोगों में बिलासपुर से संबंध रखने वाले विजयराज उपाध्याय भी शामिल हैं, जिन्हें उस कला में महारत हासिल है, जिसमें हिमाचल के बहुत कम ही लोग अपनी रुचि दिखाते हैं।

35 वर्षों से तराश रहे 'देवभूमि की संस्कृति', अब हिमाचल गौरव से होंगे सम्मानित
हिमाचल दिवस पर हिमाचल गौरव का सम्मान।

बिलासपुर: 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के खास मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष कार्य कर रहे लोगों को सम्मानित करेंगे। चंबा में आयोजित होने जा रहे राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले इन छह लोगों में बिलासपुर से संबंध रखने वाले विजयराज उपाध्याय भी शामिल हैं, जिन्हें उस कला में महारत हासिल है, जिसमें हिमाचल के बहुत कम ही लोग अपनी रुचि दिखाते हैं। पेशे से मूर्तिकार व चित्रकार विजयराज उपाध्याय के हुनर को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें हिमाचल गौरव सम्मान से सम्मानित करने का फैसला किया है।

मुर्तियों में दिखती है देशभक्ति व संस्कृति की झलक
विजयराज बीते 35 सालों से चित्रकला व मूर्तिकला से जुड़े हैं और इन्होंने प्रदेश के हर जिले में अपनी मूर्तियां बनाई हैं। इन मुर्तियों में देशभक्ति व हिमाचल की संस्कृति की झलक दिखाई देती है। वहीं इनकी कलाकृतियों में विभिन्न देवी देवताओं के दर्शन होते हैं तो लोक कलाकारों की सजीव चित्र देखने को मिलते है, इसके साथ विजयराज उपाध्याय ने जगह जगह वीर सैनिकों की मूर्तियां भी बनाई है। 

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परिजनों में खुशी का माहौल 
वहीं, हिमाचल गौरव सम्मान के लिए विजयराज उपाध्याय का नाम चयन होने पर उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। विजयराज उपाध्याय की पत्नी नवनीत शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पल उनके लिए किसी गौरव से कम नहीं होगा जब उनके पति को हिमाचल गौरव पद से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में उनके पति विजयराज इसी लगन व मेहनत से अपना काम करते रहेंगे और हिमाचल की संस्कृति व आस्था को मूर्तियों व चित्रकला के जरिये जिंदा रखने का काम करेंगे।