2022 के चुनावी रण का पहला दावेदार मैदान में, वीरभद्र के करीबी रहे राजेंद्र ठाकुर ने अर्की से ठोकी ताल

अर्की उपचुनाव में भी राजेंद्र ठाकुर ने कांग्रेस से अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन संजय अवस्थी का पलड़ा भारी होने के बाद राजेन्द्र ठाकुर ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस से रिजाइन दे दिया था। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने..

2022 के चुनावी रण का पहला दावेदार मैदान में, वीरभद्र के करीबी रहे राजेंद्र ठाकुर ने अर्की से ठोकी ताल
फाइल फोटो।

अर्की/सोलन: 2022 के चुनावी रण में 68 विधानसभा सीटों पर होने वाले हार-जीत के खेल में पहली दावेदारी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की विधानसभा सीट रही अर्की से ठोक दी गई है। स्व. वीरभद्र सिंह के करीबी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव और अर्की विकास समीति के संयोजक राजेंद्र ठाकुर ने आगामी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अर्की विधानसभा से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। 

अर्की उपचुनाव में भी ठोकी थी ताल
बता दें कि अर्की उपचुनाव में भी राजेंद्र ठाकुर ने कांग्रेस से अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन संजय अवस्थी का पलड़ा भारी होने के बाद राजेन्द्र ठाकुर ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस से रिजाइन दे दिया था। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने राजेंद्र ठाकुर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं, अब एक बार फिर राजेंद्र ठाकुर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोकी है।

अर्की में कड़ी टक्कर

राजेंद्र ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के खास रहे हैं। वीरभद्र सिंह के अर्की के विधायक रहते वह पूरे निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय रहे। वीरभद्र सिंह के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव हुआ तो राजेद्र ठाकुर कांग्रेस टिकट के दावेदार बनकर सामने आए। अब उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर समीकरण बदलने वाले हैं।

जनसभा संबोधन के दौरान किया जीत का दावा
अर्की सामुदायिक भवन में आयोजित मंच के विशेष सम्मेलन में रविवार को राजेंद्र ठाकुर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होने अर्की के पूर्व विधायक व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में अर्की विधानसभा क्षेत्र में अथाह विकास करवाया है। 

उन्होने कहा कि अर्की विकास समीति में जात-पात की कोई जगह नहीं है। विधायक किसी भी पार्टी का हो उसका दायित्व बनता है कि वो सरकार से अपने क्षेत्र के लिए सरकार से विकास कार्य करवाए। उन्होने कहा कि आज जो विधायक प्राथमिकता के कार्य अर्की में हो रहे हैं उनमें से अधिकतर पूर्व भाजपा विधायक गोविंद शर्मा के कार्यकाल के हो रहे हैं।

इस विशेष सम्मेलन में लोगों की विशाल उपस्थिति को देखते हुए यही लगता है कि आज के समय में प्रदेश की जनता का दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों से मोह भंग हो चुका है। अर्की विकास मंच इन चुनाव में अपने प्रत्याशी को खड़ा कर उसे विधानसभा में भेजने के लिए तन मन धन से प्रयासरत है। 

राजेंद्र ठाकुर कहते हैं कि आगामी चुनाव में प्रदेश में किसी भी दल की सरकार बने। अर्की से मंच के प्रत्याशी की ही विजय निश्चित है। अर्की विकास समीति की ओर से विधानसभा में पहुंच कर अर्की विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को पुनः गति देंगे। 

इस अवसर पर उपस्थित विकास समीति के पदाधिकारियों सहित यहां पर मौजूद अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने राजेंद्र ठाकुर को आगामी विधानसभा चुनाव में विजयी बनाकर विधानसभा में भेजने का प्रण लिया।