इंटरनेट के दौर में बढ़ रहा है मानसिक दबाव! साई अस्पताल में 'मेन्टल हेल्थ ऑफ़ एम्प्लॉई ' चेकअप टेस्ट

आज की तारीख में अस्त व्यस्त जीवन शैली में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में मानसिक स्वास्थ्य में पिछड़ रहा है। कार्य क्षेत्र में काम का स्ट्रेस, बढ़ते कम्पटीशन के दौर में कर्मचारीयों में जाने अनजाने मानसिक दवाब बढ़ने लगा है।

इंटरनेट के दौर में बढ़ रहा है मानसिक दबाव! साई अस्पताल में 'मेन्टल हेल्थ ऑफ़ एम्प्लॉई ' चेकअप टेस्ट
'मेन्टल हेल्थ ऑफ़ एम्प्लॉई ' चेकअप टेस्ट।

नाहनः जिला सिरमौर में पिछले 4 सालों से स्वास्थ्य क्षेत्र में साई अस्पताल बेहतरीन सुविधाएं और सेवाएं दे रहा है। बीते कल यहां मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चेकअप टेस्ट किया गया क्योंकि आज की तारीख में इंटरनेट की इस दुनिया में हम मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से अनजान है।
 
आज की तारीख में अस्त व्यस्त जीवन शैली में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में मानसिक स्वास्थ्य में पिछड़ रहा है। कार्य क्षेत्र में काम का स्ट्रेस, बढ़ते कम्पटीशन के दौर में कर्मचारीयों में जाने अनजाने मानसिक दवाब बढ़ने लगा है।  

इसी कड़ी में श्री साई मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर नाहन के मनोचिकित्सक विभाग दवारा अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ एवं चिकित्सकों के लिए "मेन्टल हेल्थ ऑफ़ एम्प्लॉई " चेकअप टेस्ट किया गया। अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को भी दिन रात काम करना होता है और प्रतिदिन सैंकड़ों मरीजों  देखना पड़ता है। इस बीच कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक दोनो स्तर पर स्वस्थ रहना आवश्यक है।
 
मनोचिकित्सक विभाग की क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट मैथिली शेखर दवारा आयोजित मेन्टल हेल्थ ऑफ़ एम्प्लोयी सर्वे में सभी मेडिकल स्टाफ दवारा अपनी उपस्थिति दर्ज की गयी।  मैथिली शेखर ने बताया की इस मेन्टल हेल्थ टेस्ट में सभी कर्मचारिओं से उनके व्यक्तिगत एवं व्यवसायिक अनुभवों से जुड़े 42 सवाल पूछे गए जिसमें स्टाफ ने अपने समझ के अनुसार सहमत व् असहमति दर्ज की।  

मैथिली शेखर ने बताया की भारत में भी ये सर्वेक्षण बहुत सी मल्टीनेशनल कोम्पनिओ में किया गया है।  उन्होंने कहा की यहाँ नाहन में भी हर इंडस्ट्रीज,आर्गेनाईजेशन में इस सर्व को करवाना चाहिए। जिस से कंपनी में एम्प्लोयी बेहतर प्रदर्शन कर सके और कंपनी को भी मुनाफा हो सके।

उन्होंने बताया की ये सर्वे अमेरिकन मनोचिकिस्त कैरल  डी रायफ द्वारा बनाया गया है। जिसे विश्वस्तर पर विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों दवारा लागू किया गया। जिस से कर्मचारिओं के मानसिक स्वभाव का मूल्यांकन किया गया और उसके अनुसार कर्मचारी की परेशानियों को समझ कर उनके लिए बेहतरीन वातावरण बनाने का प्रयास किया जायेगा।