अग्निपथ योजना पर बोले मनीष शारदाः युवाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वापस लिया जाए फैसला

उन्होंने कहा कि फिजिकल के बाद लिखित परीक्षा के लिए कई दिन तैयारी करनी पड़ती है। बावजूद इसके अब नई योजना के तहत जब भर्ती होंगे तो उन्हें चार साल ही सेना में रखने के बाद घर भेज दिया जाएगा।

अग्निपथ योजना पर बोले मनीष शारदाः युवाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वापस लिया जाए फैसला
मनीष शारदा (पुरानी तस्वीर)

ऊनाः केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से सेना भर्ती होने का सपना संजोए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होगा वही नौजवानों में सेना में जाने का जोश भी कम होगा,गगरेट विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी,नेता व पत्रकार मनीष शारदा का कहना है कि सरकार को अग्निपथ योजना में बदलाव करना चाहिए जिससे नौजवानों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके,वहीं उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे संयम न खोएं।

 उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवा सेना में जाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। कोचिंग के साथ फिजिकल टेस्ट की तैयारी पर काफी खर्च आता है। सुबह-शाम युवा दौड़ लगाने के साथ ही लंबी-ऊंची कूद इत्यादि की तैयारी करते हैं, तब कहीं जाकर ग्राउंड टेस्ट क्लियर होता है।

उन्होंने कहा कि फिजिकल के बाद लिखित परीक्षा के लिए कई दिन तैयारी करनी पड़ती है। बावजूद इसके अब नई योजना के तहत जब भर्ती होंगे तो उन्हें चार साल ही सेना में रखने के बाद घर भेज दिया जाएगा। इस निर्णय से युवाओं में भारी रोष है। युवाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार को तुरंत अपना निर्णय वापस लेना चाहिए।