अमित ने फतह की कंचनजंघा, अकेले किया भारत का प्रतिनिधित्व, बढ़ाया हिमाचल का मान

इस फतह के साथ ही अमित 8586 मीटर ऊंची कंचनजंघा के अंतिम छोर पर पहुंचने वाल पहले हिमाचली बन गए हैं। खास बात ये भी है कि अमित अकेले कंचनजंघा अभियान के लिए भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

अमित ने फतह की कंचनजंघा, अकेले किया भारत का प्रतिनिधित्व, बढ़ाया हिमाचल का मान
अमित नेगी ने फतह की कंचनजंघा।

किन्नौर: हिमाचल के 27 साल के पर्वतारोही अमित नेगी ने एक बार फिर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस बार अमित नेगी ने विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा फतह करने में कामयाबी हासिल की है।

इस फतह के साथ ही अमित 8586 मीटर ऊंची कंचनजंघा के अंतिम छोर पर पहुंचने वाल पहले हिमाचली बन गए हैं। खास बात ये भी है कि अमित अकेले कंचनजंघा अभियान के लिए भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। नेपाल और भारत के बीच स्थित कंचनजंघा के अंतिम छोर तक पहुंचने के इस सफर में अमित नेगी के साथ नेपाल के सैनिक शामिल थे। 

अमित ने यह कामयाबी शनिवार सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर हासिल की। अमित नेगी ने फोन पर बताया कि वहां पर नेटवर्क की समस्या के कारण तस्वीरें शेयर करने में दिक्कत आ रही है। उनके साथ इस सफर में अन्य टीमों में कप्तान राजू शेरस्थ, अमित थामा, छिरिंग जंगबू शेरपा, फुरबा शेरपा, नगीमा शेरिंग शेरपा, छेवांग शेरना और टेक राय शामिल रहे। 

बचपन से था पर्वर्तारोहण का जुनून
अमित की इस सफलता के बाद परिजनों और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अमित नेगी के परिजन बताते हैं कि अमित बचपन से ही पर्वतारोही बनने का जुनून रखता था और उसने अपना सपना पूरा कर लिया। अमित की सफलता पर सीएम जयराम ठाकुर ने भी उन्हें बधाई दी है। 

माउंट एवरेस्ट भी कर चुके हैं फतह
किन्नौर के सांगला तहसील के बटसेरी गांव के अमित नेगी इस पहले माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर चुके हैं। बीते वर्ष ही माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद लगातार दूसरे वर्ष विश्व की कठिनतम चोटी पर फतह कर अमित ने क्षेत्र के लोगों को गौरवान्वित किया है। अमित 2019 में माउंट त्रिशुल उत्तरकाशी और 42 किलोमीटर हिमालयन राथन में दो बार गोल्ड मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं।