हरकत में जल निगम, अश्वनी खड्ड से भरे पानी के सेंपल, जांच के लिए भेजा जाएगा पुणे

इसे लेकर कई बार लोग प्रशासन और जल निगम से शिकायत भी कर चुके हैं। शनिवार को जल निगम के अधिकारी पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए अश्विनी खड्ड में पानी के सैंपल लेते नजर आए।

हरकत में जल निगम, अश्वनी खड्ड से भरे पानी के सेंपल, जांच के लिए भेजा जाएगा पुणे
अश्वनी खड्ड से भरे पानी के सेंपल।

शिमलाः शहर के सीवरेज प्लांट से निकलने वाली गंदगी अश्वनी खड्ड में मिल रही है। दूषित हो रहा है। शिमला शहर पानी की सप्लाई को लेकर काफी चर्चा में रहा है। कभी पानी की कमी तो कभी पानी के सैंपल फेल होने के कारण। 

जिससे पीलिया जैसी गंभीर बीमारी से सैकड़ों लोगों को शिकार होना पड़ रहा था। सोलन में भी पीलिया के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में अब विभाग खास कर अश्वनी खड्ड के पानी की गुणवत्ता जांचने में जुट गया है।

इसे लेकर कई बार लोग प्रशासन और जल निगम से शिकायत भी कर चुके हैं। शनिवार को जल निगम के अधिकारी पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए अश्विनी खड्ड में पानी के सैंपल लेते नजर आए। शिमला से साधुपुल तक पानी के सेंपल लिए गए है। 

गौर रहे कि अश्वनी खड्ड से सोलन शहर में पानी की सप्लाई होती है। पानी के दूषित होने के मामले भी सामने आते रहे हैं। जल निगम अब अश्विनी खड्ड के पानी की गुणवत्ता की जांच करने में जुट गई है। जल निगम के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल अधिकारियों के साथ साधुपुल तक पानी के सेंपल लिए और इन सेंपलों को पुणे जांच के लिए भेजा जाएगा। 

जल प्रबंधन निगम के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने कहा कि जल निगम द्वारा समय समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच की जाती है। इसी कड़ी में आज अश्विनी खड्ड के पानी के सेंपल लिए गए। कहां पर पानी गंदा है, ये देखा जाएगा। हालांकि उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदगी न मिलने की बात कही है। 

उधर, ग्राम पंचायत कोट के उप प्रधान सोम मेहता ने कहा कि अश्वनी खड्ड को प्लस्टिक की नदी और सीवरेज की नदी भी कहा जाता रहा है। इसमे शिमला की गंदगी बहती है। पानी के दूषित होने से ग्रामीणों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।