इंस्पेक्टर नीरज राणा को मिली जमानत, रिश्वतखोरी और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाने के आरोप में हुई थी जेल

हाईकोर्ट ने एक लाख रुपये मुचलके और एक लोकल जमानती के बाद नीरज राणा को सशर्त रिहाई दी है। जमानत शर्त के अनुसार नीरज राणा विजिलेंस और हमीरपुर पुलिस की जांच में सहयोग करेगा।

इंस्पेक्टर नीरज राणा को मिली जमानत, रिश्वतखोरी और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाने के आरोप में हुई थी जेल
इंस्पेक्टर नीरज राणा को मिली जमानत।

हमीरपुर: रिश्वतखोरी, चिट्टे और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या की कोशिश मामले में गिरफ्तार चल रहे पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर नीरज राणा को जमानत मिल गई है। विजिलेंस और हमीरपुर जिला पुलिस ने आरोपी से कई बार पूछताछ की, लेकिन आरोपी के खिलाफ विजिलेंस और पुलिस के पास कोई पुख्ता सूबत नहीं हैं। 

हाईकोर्ट ने एक लाख रुपये मुचलके और एक लोकल जमानती के बाद नीरज राणा को सशर्त रिहाई दी है। जमानत शर्त के अनुसार नीरज राणा विजिलेंस और हमीरपुर पुलिस की जांच में सहयोग करेगा। बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेगा। गवाहों व सुबूतों के साथ छेड़छाड़ का कोशिश नहीं करेगा। ट्रायल कोर्ट में नियमित तौर पर शामिल होगा। 

वहीं, पुलिस को अभी तक इस मामले में न तो रिश्वत के रूप में केस प्रॉपर्टी बरामद हुई है और न ही आरोपी का मोबाइल पुलिस के हाथ लगा है। विजिलेंस के पास महज शिकायतकर्ता के बयान और कुछ वीडियो फुटेज हैं। विजिलेंस डीएसपी लालमन शर्मा ने बताया कि राणा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है और मामले की जांच जारी रहेगी।

14 मार्च से न्यायिक हिरासत में था आरोपी
नीरज राणा बीते 14 मार्च से न्यायिक हिरासत में था। नीरज राणा पर नादौन थाना का एसएचओ रहते हुए दुधारू पशुओं का कारोबार करने वाले व्यक्ति से 25 हजार रुपये रिश्वत लेने, चिट्टा रखने और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या के प्रयास के गंभीर आरोप हैं। विजिलेंस ने शिकायत पर उसे रंगे हाथ पकड़ने का प्लान 21 दिसंबर, 2021 को बनाया था। 

प्लान के अनुसार शिकायतकर्ता को नीरज राणा को रिश्वत देनी थी और इस दौरान आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा जाना था। प्लान के अनुसार नादौन शहर के लेबर चौक पर शिकायतकर्ता ने आरोपी के हाथों में रिश्वत के केमिकल लगे नोटों की गड्डी थमाई, लेकिन जैसे ही विजिलेंस टीम आरोपी को पकड़ने के लिए आगे बढ़ी तो नीरज ने विजिलेंस टीम के सदस्यों पर कार चढ़ाने कोशिश की और मौके से फरार हो गया। कुछ समय बाद आरोपी की कार, सेरी कल्चर मार्ग पर खड़ी पाई गई, जिसमें से 0.84 ग्राम चिट्टा भी बरामद किया गया। 

इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई। इससे पहले की आरोपी विजिलेंस के हत्थे चढ़ता, 24 दिसंबर को आरोपी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी। अग्रिम जमानत 14 मार्च तक जारी रही और हाईकोर्ट से जमानत अर्जी रद्द होने के बाद 14 मार्च को आरोपी को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन एक बार फिर आरोपी नीरज सशर्त जमानत पर हवालात से बाहर आ गया है।