पेपर लीक मामला: पुछताछ के लिए मंडी लाया गया सचिवालय का कर्मचारी, शक के दायरे में मामा-भांजा

मंडी में जब 70 अंक लेने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ हुई और उनके फोन पर कॉल डिटेल खंगाली गई तो पुलिस को सचिवालय के गृह विभाग में तैनात एक कर्मचारी को लेकर कुछ अहम जानकारी मिली।

पेपर लीक मामला: पुछताछ के लिए मंडी लाया गया सचिवालय का कर्मचारी, शक के दायरे में मामा-भांजा
पेपर लीक मामले में सचिवालय कर्मचारी से पुछताछ।

पहाड़ प्राइम डेस्क: हिमाचल प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में एक्शन जारी है। इस मामले में अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि पेपर लीक के मास्टरमाइंड की तलाश अभी भी जारी है। शक के दायरे में आए अभ्यर्थियों से पुछताछ के दौरान खुली परतों पर मामले के तार राज्य सचिवालय से जुड़े हुए पाए गए। जिसके बाद सचिवालय के गृह विभाग के एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए मंडी लाया गया।

दरअसल, मंडी में जब 70 अंक लेने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ हुई और उनके फोन पर कॉल डिटेल खंगाली गई तो पुलिस को सचिवालय के गृह विभाग में तैनात एक कर्मचारी को लेकर कुछ अहम जानकारी मिली। सचिवालय के कर्मचारी पर पेपर लीक करने वाले रैकेट में एजेंट का काम करने का शक जताया गया। जांच टीम को शक है कि कर्मचारी ने मंडी जिला के दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर पेपर लीक करवाने की साजिश रची थी। खैर इस विषय पर एसआईटी की जांच पड़ताल जारी है। 

शक के दायरे में मामा-भांजा
रविवार को जिन परीक्षार्थियों से पूछताछ हुई, उनमें 74-74 नंबर लेने वाले मामा व भांजा भी शामिल थे। इन अभ्यर्थियों में से एक मुर्गे सप्लाई करता है तो दूसरा चालक है। इन दोनों के दसवीं कक्षा में कम अंक हैं और ऐसे में पुलिस ने दोनों पर शक जाहिर कर पुछताछ की। पुलिस लगातार शक के दायरे में आए अभ्यर्थियों के जरिए मामले के मास्टरमाइंड को खोजने में जुटी है।