कलाकार के साथ ये कैसा व्यवहार! किन्नौर के 'रफी' से पुलिस ने छीना माइक

ऐसी ही घटना पांवटा साहिब होली मेले में विक्की चौहान के साथ घट चुकी है। जब पुलिस ने बीच कार्यक्रम में साउंड सिस्टम बंद करवा दिया था।

कलाकार के साथ ये कैसा व्यवहार! किन्नौर के 'रफी' से पुलिस ने छीना माइक
कार्यक्रम के दौरान।

किन्नौर: अक्सर देखा गया है कि स्थानीय कलाकारों की कई बार अनदेखी की जाती है। इसी साल होली मेले पर हिमाचल की शान विक्की चौहान के साथ पांवटा साहिब में भी प्रशासन का व्यवहार ठीक नहीं रहा। 

उस दौरान विक्की चौहान ने पहाड़ प्राइम से बातचीत में कहा था कि ऐसी घटनाओं से एक कलाकार का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास दोनों घटते हैं।

एक ऐसा ही मामला जिला किन्नौर में देखने को मिला‌ है। जिला किन्नौर के रिकांगपीओ मे तीन दिवसीय क्राफ्ट मेले का आयोजन 22 से 24 जून तक प्रशासन की तरफ से आयोजित किया गया था।

अंतिम दिन यानी 24 जून को किन्नौरी स्टार नाईट में मोहमद रफी के नाम से मशहूर कलाकार केदार नेगी की प्रस्तुति भी थी। 

जिले के कोने-कोने से लोग रिकांगपीओ पहुँचे थे। लेकिन जिस समय केदार किन्नौरी गीत गा रहे थे, उसी दौरान एक पुलिस कर्मी ने माइक हाथ से छिन लिया। जैसा की वीडियो में देखा जा सकता है। इसके बाद इस कार्यक्रम मे दर्शकों ने पुलिस प्रशासन से मौक़े पर नाराज़गी भी व्यक्त की थी।

इसके बाद किन्नौर में मोहमद रफी के नाम से मशहूर केदार नेगी ने रिकांगपिओ मे प्रेसवार्ता की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि इस पूरी घटना से उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंची है।

कहा कि मुझे प्रशासन ने किन्नौरी नाईट मे जिला के गीत गाने के लिए बुलाया था लेकिन गीत गाते हुए अचानक पुलिस कर्मी द्वारा माइक को बिना बताये छिना गया। इसके बाद उन्होंने इस विषय मे पुलिस से बातचीत करने की कोशिश भी की लेकिन पुलिस ने जवाब नहीं दिया।

ऐसे मे दर्शकों ने इस घटना को लेकर नाराज़गी व्यक्त की है। कहा कि पुलिस ने समय का हवाला दिया। लेकिन कार्यक्रम का समय समाप्त हो रहा था तो माइक को हाथ से छिनना नहीं बल्कि समय समाप्ति के लिए उन्हें कहा जाना चाहिए था। जिसके बाद वो स्वयं दर्शकों को अलविदा कह देते।

उधर, नेगी ने कहा कि उनके साथ हुए इस व्यवहार को लेकर आज उपायुक्त से भी मुलाक़ात की थी। लेकिन वहाँ से भी किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि जिस पुलिस कर्मी ने उनके हाथ से माइक छिना है वो अगर माफ़ी नहीं मांगते तो किन्नौर के सांस्कृतिक दल प्रशासन के दूसरे किसी भी कार्यक्रम मे हिस्सा नहीं लेंगे। 

उनका कहना है कि पुलिस द्वारा उनके हाथ से माइक छीनने का तरीका गलत था। इस घटना से किन्नौर की संस्कृति व किन्नौरी कलाकारो के मान सम्मान को गहरा धक्का लगा है।