केदारनाथ में पुलिस व्यवस्था ध्वस्त, ITBP व NDRF संभालेगी कमान, यात्रियों का आंकड़ा 1,32,000 के पार

यात्रा के सातवें दिन ही केदारनाथ यात्रा का आंकड़ा 1 लाख 32 हजार पार कर चुका है, जबकि अभी भी लाखों लोगों ने केदारनाथ धाम जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है।

केदारनाथ में पुलिस व्यवस्था ध्वस्त, ITBP व NDRF संभालेगी कमान, यात्रियों का आंकड़ा 1,32,000 के पार
केदारनाथ में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए आईटीबीपी जवान तैनात।

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद आईटीबीपी और एनडीआरएफ को कमान सौंप दी गई है। अब यात्रा मार्गों से लेकर केदारनाथ धाम में आईटीबीपी और एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे, जो तीर्थयात्रियों की हरसंभव मदद करेंगे। 

लम्बे समय से केदारनाथ यात्रा में आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की मांग की जा रही थी। केदारनाथ विधायक भी यही चाहती थीं कि केदारनाथ धाम में आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की जाए और बार-बार सरकार से केदारनाथ में आईटीबीपी जवानों की तैनाती की मांग भी कर रही थी, जिससे सुव्यवस्थित तरीके से केदारनाथ की यात्रा संचालित हो सके।

तीर्थयात्रियों का उमड़ा सैलाब
केदारनाथ धाम यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से अव्यवस्था का माहौल है, जिस वजह से पुलिस प्रशासन व्यवस्थाओं को संभालने में नाकाम दिखाई दे रहा है। इससे पहले वर्ष 2019 की केदारनाथ यात्रा में भी हर दिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे थे और उस समय भी पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था नाकाफी देखते हुए आईटीबीपी के जवानों को केदारनाथ यात्रा में तैनात किए जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस बार शुरूआत से ही हजारों की तादात में तीर्थयात्री धाम पहुंच रहे हैं। 

यात्रा के सातवें दिन ही केदारनाथ यात्रा का आंकड़ा 1 लाख 32 हजार पार कर चुका है, जबकि अभी भी लाखों लोगों ने केदारनाथ धाम जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है। केदारनाथ में बढ़ रही यात्रियों की संख्या और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद आखिरकार आईटीबीपी के जवानों को तैनात कर दिया गया है। 

यात्रा मार्ग पर तैनात रहेंगी आईटीबीपी प्लाटून
अभी केदारनाथ और यात्रा मार्गों पर आईटीबीपी के 90 जवानों को तैनात किया गया है, जबकि एनडीआरएफ के 46 जवान भी जल्द यात्रा मार्गो पर तैनात किए जायेंगे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था के लिए आईटीबीपी की एक प्लाटून को तैनात कर दी गई है। यह प्लाटून मंदिर परिसर और मंदिर मार्ग पर दर्शनों के लिए खड़े यात्रियों की मदद करेगी। एक प्लाटून में 30 आईटीबीपी के जवान हैं। 

वहीं, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में भी एक-एक प्लाटून को रखा गया है। इसके अलावा पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, यात्रा मैनेजमैंट फोर्स के जवान पहले से तैनात हैं। नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि जल्द ही एनडीआरएफ के जवान भी यात्रा मार्गों पर तैनात कर दिए जाएंगे।