क्या देखा है ऐसा मंदिर, यहां चढ़ाया जाता है घास और चारा? मिलिए इस गौ सेवक से..

सुनील शर्मा ने पहले तो सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को आश्रय देने के लिए भगेड़ में एक गौशाला का निर्माण किया और वहां बेसहारा और घायल पशुओं की सेवा करने का काम किया, लेकिन संसाधन कम होने के चलते इस काम में मुश्किलात पैदा होने लगे।

क्या देखा है ऐसा मंदिर, यहां चढ़ाया जाता है घास और चारा? मिलिए इस गौ सेवक से..
मंदिर में चढ़ाया जाता है चारा।

पहाड़ प्राइम डेस्क: आज की तारीख में हर दूसरा नेता खुद को गौ सेवक, गौ रक्षक और हिंदू भक्त बताता है। गाय के नाम पर चंद मिनटों में दंगे भड़क जाते हैं। हम और आप गाय को माता कहते हैं, सोशल मीडिया पर जमकर अपना ज्ञान झाड़ते हैं। लेकिन क्या वाकई में हम उस गाय के रक्षक हैं, जिसे हम मां कहते हैं? 

अगर आपका जवाब हां है तो फिर पूछिएगा अपने दिल से, कि जब-जब सड़क पर आपको बेसहारा गाय या बेसहारा पशु दिखते हैं, तब आपने उनके लिए क्या किया? कुछ किया होगा तो कमेंट करके जरूर बताएं। फिलहाल हम आपको एक असली गौ रक्षक और गौ सेवक के बारे में बताते हैं। इनका नाम है सुनील शर्मा। जिन्होंने गायों के लिए न केवल गौशाला, बल्कि मंदिर का निर्माण करवा दिया। 

सुनील कहते हैं कि वो अक्सर देखा करते थे कि लोग मंदिरों में प्रसाद, सोना चांदी, पैसा, ना और जाने क्या-क्या चढ़ाते हैं। लेकिन गाय के नाम पर चंद लोग ही दान करते हैं, लेकिन सड़कों पर भटक रही भगवान समान गायों को कोई नहीं पूछता।
बिलासपुर के कोशरियां से सम्बन्ध रखने वाले समाजसेवी सुनील शर्मा ने पहले तो सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को आश्रय देने के लिए भगेड़ में एक गौशाला का निर्माण किया और वहां बेसहारा और घायल पशुओं की सेवा करने का काम किया, लेकिन संसाधन कम होने के चलते इस काम में मुश्किलात पैदा होने लगे।

सुनील शर्मा ने फिर स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गौशाला के साथ ही नंदेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवा डाला और लोगों से कहा कि इस मंदिर में आप सोना चांदी पैसा चढ़ाने मत आना। बल्कि अगर आना होगा तो बेसहारा पशुओं के लिए घास या चारा दान करना। जिसके बाद अब लोग सुनील शर्मा की इस मुहिम के साथ जुड़े हैं और पशुओं के लिए घास और चारा लेकर आते हैं। लोग भगवान शिव के समक्ष पहले चारा चढ़ाते हैं और फिर बाद में उसे नंदी स्वरूप गोवंश को खिलाया जाता है। 

वाकई में हम मंदिर के अंदर पत्थर रूपी नंदी या गाय की पूरी सेवा करते ही हैं लेकिन सांस लेते नंदी, सांस लेती गाय को देखकर अपनी गाड़ी घुमा देते हैं। मगर, धन-दौलत के पीछ भागते लोगों की इस दुनिया में सुनील शर्मा जैसे लोग भी मौजूद हैं, जो वास्तव में गौ माता के सेवक भी हैं और गौ रक्षक भी। 

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