नवरात्रि की रौनक से जगमगाया हिमाचल, मां नैना का दरबार में देशभर से उमड़े श्रद्धालू, दो साल बाद पहले दिखी जैसी धूम

हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठों पर आज से माताजी के चैत्र नवरात्रि की बड़ी धूमधाम के साथ शुरुआत हुई। शक्तिपीठ श्री नैना देवी में सुबह की आरती पूजा-अर्चना के साथ माताजी के नवरात्रि शुरू हुए।

नवरात्रि की रौनक से जगमगाया हिमाचल, मां नैना का दरबार में देशभर से उमड़े श्रद्धालू, दो साल बाद पहले दिखी जैसी धूम
श्री नैना देवी में चैत्र नवरात्रि की धूम।

बिलासपुर: आज देशभर में शक्ति स्वरूपा, जगद्जननी माँ भगवती जगदंबा के उपासना पर्व 'चैत्र नवरात्र' और सनातन/हिंदू नव वर्ष की धूम देखी जा रही है।  हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठों पर आज से माताजी के चैत्र नवरात्रि की बड़ी धूमधाम के साथ शुरुआत हुई। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी में सुबह की आरती पूजा-अर्चना के साथ माताजी के नवरात्रि शुरू हुए।

प्रथम नवरात्र पर मां शैलपुत्री का पूजन
आज प्रथम नवरात्र के उपलक्ष्य पर माता शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। 
मंदिर की भव्य सजावट का कार्य पंजाब की समाज सेवी संस्था के द्वारा किया गया है। पंजाब के लगभग 8 कारीगर लगातार मंदिर को सजाने का कार्य करते रहे और मंदिर के मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं के दिलों में अद्भुत सौंदर्य की अपार छटा बिखेर रहे हैं। 

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्धालु माताजी के दरबार में नवरात्र पूजन के लिए पहुंचे हैं। श्रद्धालु जहां पर माता जी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। वहीं, प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां डालकर कन्या पूजन कर अपने घर परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना भी करते हैं। 

इस बार खुला रहेगा सदाव्रत लंगर
हिमाचल प्रदेश सरकार जिला प्रशासन और मंदिर न्यास के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु इस बार व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। दो साल बाद कोरोना महामारी का दौर काफी हद तक थम चुका है, जिसके मद्देनजर इस बार मंदिर न्यास का सदाव्रत लंगर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर क्षेत्र में लगभग 400 पुलिसकर्मी होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मंदिर के अंदर 22 एक्स सर्विसमैन फौजी भी तैनात है। श्रद्धालुओं को लाइनों में ही माता के दर्शनों के लिए भेजा जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में नारियल, कड़ाह प्रसाद चढ़ाने पर मनाही है।