डेनमार्क तकनीक से तैयार रोबोट उठाएंगे गाय का गोबर, हिमाचल में बनेगा उत्तर भारत का पहला डेयरी उत्कृष्टता केंद्र

ऊना के बसाल में डेनमार्क सरकार की सहायता से ये डेयरी उत्कृष्टता केंद्र तैयार किया जाएगा। दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए पीएम नरेंद्र मोदी के डेनमार्क दौरे के दौरान इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।

डेनमार्क तकनीक से तैयार रोबोट उठाएंगे गाय का गोबर, हिमाचल में बनेगा उत्तर भारत का पहला डेयरी उत्कृष्टता केंद्र
ऊना में बनेगा डेयरी उत्कृष्टता केंद्र (कॉन्सेप्ट इमेज)।

ऊना: हिमाचल के जिला ऊना में आधुनिक मशीनों से लैस डेयरी उत्कृष्टता केंद्र बनने जा रहा है। 44 करोड़ 12 लाख रुपये से बनने वाला यह केंद्र उत्तर भारत का पहला डेयरी उत्कृष्टता केंद्र होगा। खास बात ये है कि इस केंद्र में डेनमार्क की तकनीक से तैयार रोबोट पशुओं की देखरेख करेंगे। 

ऊना के बसाल में डेनमार्क सरकार की सहायता से ये डेयरी उत्कृष्टता केंद्र तैयार किया जाएगा। दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए पीएम नरेंद्र मोदी के डेनमार्क दौरे के दौरान इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस केंद्र में अन्य कार्यों के लिए भी आधुनिक मशीनों का उपयोग की जाएंगी और केंद्र में सभी काम खुद संचालित होंगे। 

केंद्र में गायों से दूध निकालना, गायों की साफ-सफाई, गोबर उठाने जैसे सभी काम रोबोट करेंगे। यहां पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन में प्रशिक्षण की भी सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं प्रदेश में उच्च नस्ल की गायें उपलब्ध करवाने, दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को पशुपालन संबंधी आधुनिक प्रशिक्षण देने के लिए भी डेनमार्क सरकार की सहायता से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। 

डेयरी उत्कृष्टता केंद्र के लिए केंद्र सरकार ने 12 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि प्रदेश सरकार को उपलब्ध करवा दी है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बसाल में बनने वाले डेयरी उत्कृष्टता केंद्र के लिए डेनमार्क सरकार तकनीकी सहायता देगी। ऊना ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए यह एक बड़ी सौगात होगी।