HC ने पुलिस-पंचायत सचिव को लगाई फटकार, सबसे कम उम्र में प्रधान रह चुकी जबना चौहान को जमानत

हुआ यूं कि थरजून पंचायत के सचिव तेजराम ने 8 अप्रैल 2022 को गोहर थाना में जबना चौहान पर सीमेंट के करीब 986 बैग के गबन का आरोप लगाया था।

HC ने पुलिस-पंचायत सचिव को लगाई फटकार, सबसे कम उम्र में प्रधान रह चुकी जबना चौहान को जमानत
जबना चौहान (पुरानी तस्वीर)

शिमलाः हाईकोर्ट ने पुलिस और पंचायत सचिव को एक मामले में जमकर फटकार लगाई है। मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी का है। यहां ग्राम पंचायत थरजून की पूर्व  प्रधान और AAP नेता जबना चौहान जबना चौहान पर सीमेंट गबन के मामले को लेकर दर्ज एफआइआर में हाईकोर्ट ने ये फटकार लगाई है। 

कौन है जबना चौहान
बता दें कि 2016 में महज़ 21 साल की उम्र में पंचायत प्रधान बनकर जबना ने अपने जिले और परिवार दोनों का नाम रौशन किया था। अपने क्षेत्र में उन्होंने जिस तरह से शराबबंदी को लेकर काम किया, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम ही होगी। 

गौर रहे कि जबना का काम ही था जिसकी बदौलत 2018 में उनका नाम देश की 100 प्रभावशाली महिलाओं में दर्ज हुआ। उन्हें 2020 में सुपरवुमन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। जबना अपने कार्यों के लिए सूबे के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा सम्मानित की जा चुकी हैं।

इतना ही नहीं, जबना 'ओरिएंटल फाउंडेशन' नामक संस्था की संस्थापक भी हैं। इसके ज़रिए वो अपने क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही हैं। जबना बीते महीने आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थी। वो सीएम जयराम की गृह विधानसभा की रहने वाली है। जबना पत्रकार भी रह चुकी है।

क्या था मामला
हाईकोर्ट ने जबना चौहान को स्थाई जमानत भी दे दी। बता दें कि ये वही पंचायत है जहां देश की सबसे युवा प्रधान जबना चौहान रही। हुआ यूं कि थरजून पंचायत के सचिव तेजराम ने 8 अप्रैल 2022 को गोहर थाना में जबना चौहान पर सीमेंट के करीब 986 बैग के गबन का आरोप लगाया था।

पुलिस ने इस संदर्भ में आईपीसी की धारा 406 और 409 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। ये मामला गोहर थाना में ही दर्ज हुआ था। लेकिन बाद में जबना चौहान हाई कोर्ट चली गई। 12 अप्रैल को हाईकोर्ट ने जबना को अंतरिम जमानत दी और पुलिस पंचायत सचिव से पूरा रिकॉर्ड तलब किया। 

जांच के दौरान पंचायत सचिव ने पूरा रिकॉर्ड पुलिस को दिया। पंचायत सचिव ने सीमेंट ढुलाई के सभी बिल जांच के दौरान गोहर थाना पुलिस में दर्ज करवाएं। जबकि एफआईआर से पहले कोई भी रिकॉर्ड ना होने की बात कही जा रही थी। 

उधर, जबना चौहान ने भी 2020 में पंचायत को आए सीमेंट के सभी 986 बेग की ढुलाई का पूरा ब्यौरा फोटो कॉपी के साथ कोर्ट को दिया। सीमेंट ढुलाई के लिए पंचायत की कमेटी ने जिन लोगों के हस्ताक्षर थे उन्होंने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि उन्होंने हस्ताक्षर गुड फेथ पर किए थे। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। 

इन तमाम चीजों को आधार मानते हुए पुलिस और पंचायत सचिव को हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। साथ ही इस मामले में पंचायत सचिव सहित कमेटी के बाकी लोगों पर कार्रवाई करने की बात कही। कोर्ट ने जबना चौहान को एक सामाजिक हस्ती बताते हुए इस मामले में अस्थाई जमानत दे दी है। 

उधर, जबना चौहान ने कहा कि मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा था। उच्च न्यायालय का उन्होंने आभार प्रकट किया।