कुल्लू में 160 किलो चरस आग के हवाले, कीमत 10 लाख ₹ प्रति किलो

पूरे देश में कुल्लू की चरस सबसे खतरनाक और महंगी है। इसके दीवाने ना केवल आम चरसी हैं बल्कि बॉलीवुड के लोग भी मुंह मांगी कीमत पर कुल्लू की चरस मंगवाते हैं। पुलिस लगातार चरस तस्करों पर नकेल कसती रही है लेकिन फिर भी तस्कर चरस को ना केवल जिले की सीमा से बाहर करते हैं बल्कि राज्य की सीमा से भी बाहर पहुंचा देते हैं।

कुल्लू में 160 किलो चरस आग के हवाले, कीमत 10 लाख ₹ प्रति किलो
कुल्लू में 16 करोड़ की चरस आग के हवाले।

कुल्लूः हिमाचल प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां चरस का नशा ना किया जाता हो। हालात तो ये हो चुके हैं कि शादियों में अब शराब के अलावा चरस पीने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। लोग अब शादियों में शराब की व्यवस्था के साथ-साथ चरस की व्यवस्था भी करने लग गए हैं। 

पूरे देश में कुल्लू की चरस सबसे खतरनाक और महंगी है। इसके दीवाने ना केवल आम चरसी हैं बल्कि बॉलीवुड के लोग भी मुंह मांगी कीमत पर कुल्लू की चरस मंगवाते हैं।

पुलिस लगातार चरस तस्करों पर नकेल कसती रही है लेकिन फिर भी तस्कर चरस को ना केवल जिले की सीमा से बाहर करते हैं बल्कि राज्य की सीमा से भी बाहर पहुंचा देते हैं। 

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि कुल्लू की टॉप वैरायटी वाली चरस की कीमत 10,000 ₹ प्रति तोला है यानी कि 10 लाख ₹ प्रति किलो। हिमाचल पुलिस इन दिनों बरामद किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट करने में लगी हुई है। 

बीते दिनों बिलासपुर में करोड़ों रुपयों के नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया तो अब जिला कुल्लू में अदालत द्वारा पूरे हो चुके नशे के मामले में जप्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट किया जा रहा है। कुल्लू पुलिस की टीम ने करीब 16 करोड़ रुपए की चरस को जलाकर नष्ट कर दिया। 

इस दौरान हिमाचल पुलिस के डीजीपी संजय कुंडू भी मौजूद रहे। शुक्रवार को कुल्लू के जरड़ भुट्टी में पुलिस ने 16 करोड़ ₹ की 160 किलोग्राम चरस जलाकर राख कर दी। साथ ही 80 अफीम के पौधों को भी आग के हवाले किया गया। आप यकिन मानिए कि कुछ समय के लिए आसमान काले धुएं से घिर गया था।

बता दें कि कुल्लू पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 43 मामलों में यह चरस बरामद की थी। ये चरस उच्च गुणवत्ता की थी यानी की टॉप वैरायटी की थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 लाख ₹ प्रति किलो इसकी कीमत थी। संजय कुंडू ने बताया कि जिला कुल्लू चरस की खेती और प्राकृतिक रूप से उगने वाली चरस के मामले में अति संवेदनशील है। चरस की खेती और नशे की तस्करी को खत्म करने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है और लगातार काम कर रही है। 

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को भी इसके लिए आगे आना होगा। अकेली पुलिस इसे जड़ से खत्म नहीं कर सकती। संजय कुंडू ने प्रदेश के युवाओं से आग्रह किया कि नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें। अगर आस-पास कोई ऐसी गतिविधि नजर आती है तो पुलिस को इसकी सूचना दें। ताकि हम हिमाचल को नशा मुक्त बना सकें।