तो क्या सोलनवासी पी रहे हैं दुषित पानी, अश्वनी खड्ड का पानी हुआ काला!

खबर ये है कि कंडाघाट के साधुपुल स्थित अश्वनी खड्ड का पानी दुषित हो रहा है। पानी का रंग काला हो चुका है। जिसके चलते स्थानीय लोग दुखी नजर आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पानी के दूषित होने से साधुपुल क्षेत्र के लोग ना तो अपने खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं और ना ही अपने पशुओं को पानी पिला रहे हैं।

तो क्या सोलनवासी पी रहे हैं दुषित पानी, अश्वनी खड्ड का पानी हुआ काला!
अश्वनी खड्ड का पानी हुआ काला!

सोलनः दुषित पानी की समस्या देश-दुनियां में लगातार बढ़ती जा रही है। हिमाचल इस समस्या से अभी ज्यादा प्रभावित नहीं है। लेकिन इससे नकारा नहीं जा सकता। क्योंकि पहाड़ पर बढ़ते कारखाने, जनसंख्या और वाहनों की बढ़ती तादाद गंभीर और चिंता का विषय है।

खबर ये है कि कंडाघाट के साधुपुल स्थित अश्वनी खड्ड का पानी दुषित हो रहा है। पानी का रंग काला हो चुका है। जिसके चलते स्थानीय लोग दुखी नजर आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पानी के दूषित होने से साधुपुल क्षेत्र के लोग ना तो अपने खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं और ना ही अपने पशुओं को पानी पिला रहे हैं। 

स्थानीय निवासी योगेश्वर शर्मा और प्रवीण ठाकुर बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों से शिमला की तरफ से जो पानी अश्वनी खड्ड में आ रहा है वो इतना दूषित और काला है कि ये पानी न ही पीने योग्य है और न ही खेतों में सिंचाई लायक। वो कहते हैं कि खड्ड के साथ लगते क्षेत्र के लोग इस पानी का प्रयोग खेतो में सिंचाई और पशुओं को पीने के लिए प्रयोग करते हैं। लेकिन खड्ड में इतना दूषित पानी आ रहा है कि ये पानी न तो पीने योग्य है और न ही खेतो में सिंचाई करने योग्य। 

इतना ही नहीं, गंदा पानी आने के चलते क्षेत्र में बीमारियों का खतरा भी बढ़ चुका है। साधुपुल क्षेत्र के लोगो ने प्रशासन से मांग की है कि जल्दी से जल्दी इस समस्या का समाधान करें। 

वैसे आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि अश्वनी खड्ड के पानी की सप्लाई सोलन शहर के लिए होती है। इन दिनों इस खड्ड का पानी जो कि काले रंग का है और दूषित बताया जा रहा है। ऐसे में सोलन शहर में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।

गौर रहे कि अश्वनी खड्ड में कुछ साल पहले एक साथ कई प्लास्टिक की बोतलें बहने का मामला सामने आया था। वैसे उस समय डीसी सोलन ने टीमो को गठन किया गया था ताकि इस खड्ड का पानी दूषित न हो सके।

मामले के बारे में रविकांत शर्मा जो कि आईपीएच विभाग में एक्सियन हैं, वो बतातें हैं कि इस तरह की उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर खड्ड में दूषित पानी बह रहा है तो इसकी जांच की जाएगी।