PM मोदी और अमित शाह की जुबान फिसली, लेकिन भगवंत मान अज्ञानी! देखिए मीडिया का दोगला खेल

शिक्षा संवाद कार्यक्रम के बाद जिस तरीके की खबरें हिमाचल प्रदेश के कुछ मीडिया संस्थानों ने चलाई, उससे कहीं ना कहीं सत्ता पक्ष की तरफ उनका रुझान देखने को मिल रहा है।

PM मोदी और अमित शाह की जुबान फिसली, लेकिन भगवंत मान अज्ञानी! देखिए मीडिया का दोगला खेल
डिजाइन फोटो।

पहाड़ प्राइम डेस्कः हिमाचल प्रदेश में इसी साल चुनाव होने हैं। पहली बार किसी तीसरी पार्टी ने मजबूत दावेदारी पेश की है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आम आदमी पार्टी प्रदेश में अपनी छाप छोड़ सकती है। 

कल हमीरपुर में आम आदमी पार्टी का शिक्षा संवाद कार्यक्रम हुआ। इससे पहले भी पांवटा साहिब में सत्येंद्र जैन लोगों से शिक्षा के मुद्दे पर बात करते नजर आए थे। आम आदमी पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, ये बात साफ है। 

शिक्षा संवाद कार्यक्रम के बाद जिस तरीके की खबरें हिमाचल प्रदेश के कुछ मीडिया संस्थानों ने चलाई, उससे कहीं ना कहीं सत्ता पक्ष की तरफ उनका रुझान देखने को मिल रहा है। बहुत कम जगह आम आदमी पार्टी के शिक्षा संवाद कार्यक्रम को सटीक तरीके से मिल पाई। 

ये सिर्फ हिमाचल की बात नहीं है। पूरे देश में अगर हम देखें तो पत्रकारिता में आपको वही दिखाने की कोशिश की जाती है जो सत्ता चाहती है। खैर, कई जगह पर खबरें चली कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता कार्यक्रम के बाद खाने पर टूट पड़े।

ये भी खबर चली कि शिक्षा संवाद कार्यक्रम में चंद लोगों के सवाल लिए गए, लेकिन अरविंद केजरीवाल का भाषण आधे घंटे का रहा और कहीं पर भी शिक्षा के मुद्दे पर फोकस नहीं किया गया कि क्या वाकई में पहली बार कोई दल शिक्षा के मुद्दे पर वोट मांगने आया है। 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण में मिंजर मेले का जिक्र हमीरपुर से किया तो उसके बाद नेताओं से ज्यादा पत्रकारों ने उनके ज्ञान पर सवाल खड़े कर दिए। यहां तक कहा कि जिसे हिमाचल के मेलों की जानकारी नहीं वो हिमाचल का विकास कैसे करेंगे। लेकिन बीते दिनों जब पीएम मोदी ये कहते नजर आए कि आप खेतों में क्या पकाते हो, तो वही पत्रकार इसे जुबान फिसलना बता रहे थे।

बीते महीने गृह मंत्री अमित शाह ने इंटर के बाद 12वीं करने का एक अजीबोगरीब बयान दिया। जिसे तमाम मीडिया संस्थानों ने हल्के हाथों से खिसका दिया। ऐसे कई बयान है। कहने का अभिप्राय ये है कि किसी दल के प्रति रुझान आपको खबरों की हेड लाइन से पता चल जाएगा। 

इसलिए जागरूक रहें। सतर्क रहें और अपने विवेक का पूरा इस्तेमाल करें। वरना जो मीडिया चैनल आपको दिखाना चाहते हैं, आप सिर्फ वही देख पाएंगे और असल खबर आपके मोबाइल स्क्रीन से गायब हो जाएगी।