गंभर खड्ड में फिर समा गई एक और जान ! पुल से गिरा टैंकर, चालक की मौत

गंभर खड्ड में फिर समा गई एक और जान ! पुल से गिरा टैंकर, चालक की मौत
गंभर पुल से गिरा टैंकर।

गंभरपुल: सोलन जिला के सुबाथू के नजदीक गंभर पुल 'मौत का पुल' बनता जा रहा है। अभी डेढ़ महीना भी नहीं बीता है कि गंभर पुल में एक और दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। शनिवार रात करीब 10:00 बजे एक टैंकर अनियंत्रित होकर पुल से सीधा गंभर खड्ड में गिर गया। हादसे में चालक की मौत हो चुकी है। 

बताया जा रहा है कि चालक धर्मपुर से कुनिहार की तरफ जा रहा था और टैंकर में काला तेल भरा हुआ था। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट के सहारे गंभर खड्ड में पहुंचे, लेकिन चालक दम तोड़ चुका था। स्थानीय लोगों द्वारा हादसे के बारे में पुलिस को सूचित किया गया। जिसके बाद पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। 

ब्लैक स्पॉट घोषित है गंभर पुल
आपको बता दें कि गंभर पुल के आसपास के क्षेत्र को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। बावजूद इसके सरकार और प्रशासन द्वारा यहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस पुल पर आज तक दर्जनों हादसे हो चुके हैं और दर्दनाक हादसों में दर्जनों लोग अपनी जान गवां चुके हैं। गंभर पुल की ऊंचाई से खड्ड में गिरने पर व्यक्ति के बचने की संभावना बेहद कम रह जाती है। 

प्रशासन और सरकार की अनदेखी
हर हादसे के बाद स्थानीय लोग सिहर उठते हैं। दुर्घटना के बाद सबसे पहले घायलों को रेस्क्यू करने पहुंचने वाले स्थानीय लोगों द्वारा लगातार सरकार से पुल को चौड़ा करने और पुल के पुनर्निर्माण की गुहार सालों से लगाई जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन और सरकार द्वारा लोगों की गुहार को अनदेखा किया जा रहा है। गंभर पुल की हालत देखकर लगता है कि सरकार या प्रशासन द्वारा यहां पर लोगों को मरने के लिए न्योता दिया जा रहा हो। गंभर पुल काफी पुराना है और पुल की चौड़ाई बेहद कम है, जिस वजह से यहां पर से होने की आशंका बढ़ जाती है

9 मार्च को भाई-बहन ने गंवाई थी जान
बीते महीने भी 9 मार्च को हुए दर्दनाक हादसे में गंभर पुल में भाई-बहन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पहाड़ प्राइम की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मांग को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास भी किया था। बावजूद इसके अभी तक गंभर पुल पुर्ननिर्माण को लेकर प्रशासन या सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी ने इस मामले को विधानसभा बजट सत्र के दौरान जोर-शोर से उठाया था। आपको बता दें कि हाल ही में सरकार ने प्रदेश के 90 पुलों के पुर्ननिर्माण को लेकर भी फैसला लिया है। हो सकता है कि इन पुलों में गंभर पुल का नाम भी शामिल किया जाए। लेकिन पुल की स्थिति कब तक सुधरेगी इस बारे में अभी सरकार और प्रशासन की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं है।