गौशाला तक पहुंची जंगल में लगी आग सबकुछ कर गई स्वाह, जिंदा जली 7 बकरियां व गाय

गांव के साथ सटे जंगल में लगी आग की चिंगारी से ये हादसा पेश आया है। जगंल की भयंकर आग रात को गौशाला तक पहुंच गई। गौशाला के अंदर रखे घास और लकड़ी ने आसानी से आग की लपटें पकड़ ली और चंद मिनटों में सब स्वाह हो गया।

गौशाला तक पहुंची जंगल में लगी आग सबकुछ कर गई स्वाह, जिंदा जली 7 बकरियां व गाय
जिंदा जली बकरियां और गाय।

मंडी: जंगल में धधकती आग जब जिला मंडी में एक गौशाला तक पहुंची तो सबकुछ स्वाह कर गई। गौशाला में बंधे बेजुबान खुद को बचाने के लिए कुछ भी नहीं कर पाए और आग की लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत त्रैंबली के गांव डुघ में आग लगने से मनोहर लाल की गौशाला में बंधी गाय व सात बकरियां आग की भेंट चढ़ गई। हादसा शुक्रवार की देर रात का है। जब तक ग्रामीणों घटना की भनक लगी तब तक बहुत देर हो चुकी थी।  

दरअसल, गांव के साथ सटे जंगल में लगी आग की चिंगारी से ये हादसा पेश आया है। जगंल की भयंकर आग रात को गौशाला तक पहुंच गई। गौशाला के अंदर रखे घास और लकड़ी ने आसानी से आग की लपटें पकड़ ली और चंद मिनटों में सब स्वाह हो गया। 

मनोहर लाल सपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह गांव डुघ ने बताया कि इस हादसे में उनके मवेशियों के जलने के साथ—साथ घास व लकड़ी भी राख हुई है। राजस्व विभाग की टीम ने मौका कर 3 लाख रूपये की राशि का नुकसान आंका है। विभागीय कार्यवाही शुरू हो गई है। शीघ्र ही पीड़ित को सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा, लेकिन सवाल ये है कि जंगलों में भड़कती आग की लपटों को रोकने के लिए क्यों समय पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे। इन बेजुबानों की जिंदा जलने के लिए आखिर किसे दोषी ठहराया जाएगा।