इतने आसान नहीं है बाबा केदार के दर्शन, आज दो की मौत, 28 यात्रियों की थम चुकी है सांसे

अब तक 28 यात्रियों की केदारनाथ यात्रा के दौरान मौत हो चुकी है। जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है वो यात्रा से बचें।

इतने आसान नहीं है बाबा केदार के दर्शन, आज दो की मौत, 28 यात्रियों की थम चुकी है सांसे
केदारनाथ धाम।

रुद्रप्रयागः उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पर देश-विदेश से लोग पहुंच रहे हैं। लाखों लोग अब तक चार धाम की यात्रा कर चुके हैं। लेकिन केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। ये डराने वाले आंकड़े हैं।

क्या है कारण
दरअसल, पैदल चढ़ाई चढ़ने के बाद बाबा के दर पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां हर दिन दोपहर बाद मौसम खराब हो रहा है। कंपकंपाती ठंड में श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। साथ ही सही समय पर इलाज नहीं मिलने से उनकी मौत हो रही है। 

आंकड़े बताते हैं कि अब तक केदारनाथ यात्रा के दौरान 28 यात्रियों की मौत हो चुकी है। रविवार को केदारनाथ यात्रा पर आई प्रीति (उम्र 58 साल, निवासी व्रजधाम, रामबाग लेन, एसवी रोड़, बोरीवली महाराष्ट्र, मुंबई) और किरीटए त्रिवेदी (उम्र 71 वर्ष, मुंबई) की अचानक तबियत खराब हो गई है। 

परिजनों ने उन्हें स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। लेकिन तबतक उनकी सांसे थम चुकी थी। उन्हें चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। प्रशासन ने पहले ही सूचित किया है कि जिन लोगों का स्वास्थय ठीक नहीं रहता है वो यात्रा करने से बचें।

बाबा के धाम में ठंड के कारण भी तीर्थयात्रियों को परेशानियां हो रही है। पैदल चढ़ाई चढ़ने के बाद सांस लेने में दिक्कतें होती हैं। ठंड के कारण भी श्रद्धालु कंपकंपाने लगते हैं। ऐसे में सही समय पर इलाज नहीं मिलने से उनकी मौत हो जाती है। 

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों को सलाह देने के बाद भी तीर्थयात्री अपनी जान की परवाह किये बगैर यात्रा कर रहे हैं। अब तक 28 यात्रियों की केदारनाथ यात्रा के दौरान मौत हो चुकी है। कहा कि जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है वो यात्रा से बचें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके शुक्ला बताते हैं कि तीर्थयात्रियों को सलाह देने के बाद भी वो मानने को तैयार नहीं है। जिस कारण उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने बताया कि धाम में ठंड का प्रकोप ज्यादा है और आये दिन दोपहर बाद मौसम खराब होने के बाद ठंड बढ़ जाती है। सुबह के समय तीर्थयात्री गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए निकलतें हैं और दोपहर बाद पहुंचते हैं। 

ऐसे में गौरीकुंड का मौसम और केदारनाथ का मौसम अगल-अलग होने से तीर्थयात्रियों को दिक्कतें हो जाती हैं। ऐसे में उन्हें पहले ही सलाह दी जाती है कि वो सुरक्षा के साथ बाबा केदार की यात्रा करें। उन्होंने कहा कि रविवार को 1520 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कराया गया। 

जिसमें 1075 पुरुष और 445 महिलाएं शामिल हैं। अब तक ओपीडी के माध्यम से 32,411 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ये भी पुष्टि की कि रविवार को दो तीर्थयात्रियों की केदारनाथ यात्रा के दौरान में मौत हुई है।