सिरमौर में होंगे BJP IT और सोशल मीडिया प्रशिक्षण वर्ग, मंडल स्तर पर होंगे कार्यक्रम

हिमाचल में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी आईटी सेल और बीजेपी सोशल मीडिया टीम ने कमर कसना शुरु कर दिया है। गौर रहे कि बीते दिनों नैना देवी में बीजेपी आईटी सेल के नेशनल इंचार्ज अमित मालवीय हिमाचल की टीम को अहम टिप्स दे चुके हैं।

सिरमौर में होंगे BJP IT और सोशल मीडिया प्रशिक्षण वर्ग, मंडल स्तर पर होंगे कार्यक्रम
विकेश तोमर, संयोजक, सिरमौर बीजेपी आईटी सेल।

पांवटा साहिबः बीजेपी आईटी व सोशल मीडिया का दो दिवसीय प्रदेश प्रशिक्षण वर्ग के बाद अब ज़िला सिरमौर के हर विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग करवाने जा रहा है। हिमाचल में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी आईटी सेल और बीजेपी सोशल मीडिया टीम ने कमर कसना शुरु कर दिया है।

गौर रहे कि बीते दिनों नैना देवी में बीजेपी आईटी सेल के नेशनल इंचार्ज अमित मालवीय हिमाचल की टीम को अहम टिप्स दे चुके हैं। बीजेपी आईटी सेल के सिरमौर जिला संयोजक विकेश तोमर ने कहा की श्री नैना देवी जी बिलासपुर में हुए दो दिवसीय प्रदेश प्रशिक्षण वर्ग के बाद अब ज़िला सिरमौर के हर विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग होने हैं। संगठन और आइटी एवं सोशल मीडिया पर विस्तृत रूप से जानकारी वर्ग में कार्यकर्ताओं को मिलेगी। कैसे सोशल मीडिया का सदुपयोग किया जाये और क्या प्रभाव सोशल मीडिया से समाज पड़े हैं, और भी अनेक विषयों पर वर्ग के कार्यक्रम होने हैं।

विकेश तोमर ने कहा की सोशल मीडिया का राजनीति पर अत्यधिक प्रभाव है। भारतीय राजनीति बदल रही है और परिवर्तनों के इस दौर में लोगों के साथ जुड़ने के लिए सोशल मीडिया सबसे बेहतर साधन है। भारत विविधताओं वाला देश है और जिसमें हमारे देश की कुल आबादी में से लगभग 35% युवा वर्ग की भागीदारी है। इस तरह सोशल मीडिया एक विशाल समुदाय तक संदेश पहुँचाने का सबसे अच्छा साधन है जो लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एम-टेक कर बीजेपी आईटी जिला संयोजक विकेश बताते हैं कि 2014 के बाद से ही सोशल मीडिया ने चुनावों के दौरान राजनीतिक पार्टियों के प्रचार में भरपूर सहयोग किया और जनता को चुनावों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारतीय जनता पार्टी चुनाव प्रचार में आधुनिक तरीके का इस्तेमाल करके जनता तक पहुँचने में सफल रहे थे और जिस तरह चुनावों के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग किया था उसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था तथा पार्टी के अनेक नेता फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से उनके बीच उपस्थिति रहे थे। 

भाजपा के नेताओं ने ग्राम क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्तियों और वर्कर (श्रमिक) लोगों के साथ सोशल मीडिया को प्रासारित किया ताकि अधिकतर व्यक्तियों तक यह सुविधा पहुँच सके। कैसे भाजपा परंपरागत तरीके से जनता के दिलों को जीतने की कोशिश कर रही थी और चुनाव प्रचारों के लिए रैलियों का आयोजन करना, समस्त पार्टियों के कार्यकर्ता एक जुट होकर सभी के दरवाजों पर जाकर वोट के लिए अभिवादन कर रहे थे और इस तरह चुनाव के परिणाम खेल परिवर्तक में बदल गए व यह भी सुनिश्चित हो गया कि भारतीय राजनीति के आने वाले वर्षों में सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कुछ समय से, सोशल मीडिया का राजनीति में अधिक प्रयोग होने लगा है। इनके माध्यम से लोग कमेंट (टिप्पणी) करने, मेम्स बनाने और यहाँ तक कि ट्रोलिंग भी कर सकते हैं। वह न्यूज़ फीड के माध्यम से कार्यों को अत्यधिक सरलता पूर्वक करा सकते हैं। इस तरह उन्हें कई राजनीतिक व्यक्तियों से संपर्क बनाने या किसी अभियान में शामिल होने के लिए भी अधिक भ्रमण करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अब लोग समाचार का एक हिस्सा बनकर, इस मंच पर अन्य लोगों के साथ जुड़कर अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं। स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो और पिक्चर्स फेसबुक, यूट्यूब और अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रदर्शित किए जाते हैं। जो बिना किसी मिताचार के साथ सच्चाई से दिखाए जाते हैं और इस तरह राजनीति में आम आदमी की अधिक भागीदारी बढ़ गई है।

हाल ही में, भारत सरकार द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइटों के उपयोग के बारे में बहुत कुछ किया गया है। भारतीय रेल यात्रियों की सहायता के लिए ट्विटर का बहुत कुशलता पूर्वक उपयोग किया है। महिलाओं द्वारा स्कूली बच्चों को खाना भेजने की सारी जानकारी, विपत्तियों के समय समस्त सहायता इसी ट्विटर के जरिए उन तक पहुँचाई गई तथा ट्रेन में होने वाली सारी परेशानियों को भी दूर किया। रेल मंत्रालय के इन सब कठिन प्रयासों से लोग वास्तव में आश्चर्य चकित रह गए, क्योंकि जरूरत पड़ने पर  इसी से लोगों को सबसे ज्यादा सहायता मिली थी।