किन्नौर की पहाड़ियों को दरकने से रोकने का प्रयास, केंद्र से 14 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर

निगुलसरी में अभी भी पत्थरों के गिरने का खतरा है और ऐसे में सबसे पहले इसी स्थान पर सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 14 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूर किया है।

किन्नौर की पहाड़ियों को दरकने से रोकने का प्रयास, केंद्र से 14 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर
निगुलसरी में सुरक्षा दीवार के लिए 14 करोड़ मंजूर।

किन्नौर: बरसात के मौसम में पहाड़ों के दरकने की खबरें तो हिमाचल के ज्यादातर जिलों से सामने आती है, लेकिन जनजातीय जिला किन्नौर में भयावह भूस्खलन की तस्वीरें हर साल गहरे जख्म दे जाती हैं। किन्नौर में  बढ़ती जल विद्युत परियोजनाएं दरकती पहाड़ियों की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है। 

किन्नौर में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पहाड़ों को काटकर स्थापित की जा रही जल विद्युत परियोजनाओं के सबसे ज्यादा दुष्परिणाम स्थानीय लोगों को झेलने में पड़ते हैं। वहीं, अब किन्नौर की दरकती पहाड़ियों को यातायात की दृष्टि से सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। 

पहले चरण में निगुलसरी की पहाड़ी में सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। बीते साल 11 अगस्त को निगुलसरी में हुए भयंकर भूस्खलन में 28 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। एनएच-5 पर यात्रियों से भरी बस और कुछ अन्य वाहन पहाड़ी से अचानक गिरे मलबे के नीचे आ गए थे। निगुलसरी में अभी भी पत्थरों के गिरने का खतरा है और ऐसे में सबसे पहले इसी स्थान पर सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 14 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूर किया है।