क्यों जज बनना चाहता है 10वीं का 2nd टॉपर ? बहुतों के लिए प्रेरणा है इनका जवाब

दसवीं में टॉप करने वाले बच्चों से जब पूछा गया कि वो भविष्य में क्या बनना चाहते हैं तो ज्यादातर टॉपर्स का यही कहना था कि वो भविष्य में या तो डॉक्टर बनना चाहते हैं या फिर आईएएस ऑफिसर। लेकिन बिलासपुर के आदित्य संख्यान का जवाब सबसे हटकर था।

क्यों जज बनना चाहता है 10वीं का 2nd टॉपर ? बहुतों के लिए प्रेरणा है इनका जवाब
10वीं टॉपर आदित्य संख्यान बनना चाहते हैं जज।

बिलासपुर: मंगलवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं का रिजल्ट घोषित किया गया। मेरिट लिस्ट में 77 बच्चों ने नाम दर्ज करवाया, जिनमें से 67 छात्राएं हैं। पहले स्थान पर मंडी जिला की दो छात्राओं ने 693 हासिल किए, तो वहीं, बिलासपुर जिला के आदित्य संख्यान महज एक नंबर पीछे 692 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। 

दसवीं में टॉप करने वाले बच्चों से जब पूछा गया कि वो भविष्य में क्या बनना चाहते हैं तो ज्यादातर टॉपर्स का यही कहना था कि वो भविष्य में या तो डॉक्टर बनना चाहते हैं या फिर आईएएस ऑफिसर। लेकिन बिलासपुर के आदित्य संख्यान का जवाब सबसे हटकर था। बिलासपुर का यह बच्चा देश की न्यायिक व्यवस्था को सुधार लाना चाहता है। 

आदित्य संख्यान बताते हैं कि वह बड़े होकर जज बनना चाहते हैं और वह इसलिए जज बनना चाहते हैं ताकि न्यायालयों में लंबित पड़े मामलों के चलते जिन लोगों को इंसाफ नहीं मिल पा रहा, उन्हें वह इंसाफ दिला सके। जाहिर है कि हमारे देश की न्यायिक व्यवस्था में ऐसे लाखों उदाहरण हैं, जब आम इंसान को न्याय के लिए सालों या फिर दशकों तक न्यायालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार न्यायालय के न्याय का फैसला इंसान की मृत्यु की बाद भी आते हैं और आदित्य के शब्द इसी न्यायिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

आदित्य अपनी कामयाबी का श्रेय भगवान के आशीर्वाद माता-पिता व गुरुजनों के साथ को देते हैं आदित्य की इस कामयाबी से माता-पिता बेहद खुश हैं। आदित्य बताते हैं कि रोजाना करीब छह घंटे पढ़ाई करते हैं। आदित्य संख्यान के पिता सुनील दत्त एक सरकारी स्कूल में शास्त्री हैं और माता सुषमा गृहणी हैं। घुमारवीं उपमंडल के तहत सरस्वती विद्या मंदिर हडवात के इस छात्र की मेहनत और लग्न के अच्छे परिणाम पर परिजनों, गुरुजनों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।